भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से निजी हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बदलते वैश्विक और रणनीतिक परिवेश में आगे बढ़ रहा है, ऐसे समय में युवाओं की भूमिका केवल अपने व्यक्तिगत करियर और उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें देश के दीर्घकालिक हितों और विकास में भी सक्रिय योगदान देना चाहिए। डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके युवाओं की सोच, प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय दृष्टिकोण से निर्धारित होती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे राष्ट्र निर्माण, नवाचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उपयोग देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए करें। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देशहित को सर्वोपरि रखना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, केवल आर्थिक प्रगति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामाजिक स्थिरता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बड़ी युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि यही ऊर्जा सही दिशा में प्रयुक्त होती है, तो भारत वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है। हाल के वर्षों में भारत ने रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डोभाल ने अपने संदेश में युवाओं से देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण की भावना अपनाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि व्यक्तिगत सफलता तभी सार्थक है जब वह राष्ट्र की प्रगति और समाज के व्यापक हितों में भी योगदान दे। उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-02 19:39:01