आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को देश की पहली पोल-फ्री (Pole-Free) राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी शहरी विकास परियोजना के तहत शहर में बिजली के खंभों और ऊपर से गुजरने वाले तारों की जगह एक आधुनिक अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस एकीकृत भूमिगत नेटवर्क में बिजली की लाइनें, टेलीकॉम केबल, पेयजल पाइपलाइन, गैस पाइपलाइन और सीवेज नेटवर्क जैसी सभी प्रमुख सार्वजनिक सुविधाओं को व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा। इस मॉडल का उद्देश्य शहर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर से बिजली और संचार सेवाओं में व्यवधान कम होगा, रखरखाव अधिक प्रभावी होगा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी। इसके अलावा, सड़कों के किनारे बिजली के खंभे और तार नहीं होने से शहर का सौंदर्य भी बेहतर होगा तथा यातायात और पैदल यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा। अमरावती को आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना के तहत डिजिटल अवसंरचना, हरित क्षेत्र, स्मार्ट परिवहन और टिकाऊ शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय प्रशासनिक शहर विकसित करना है जो भविष्य के शहरी विकास के लिए एक नया मानक स्थापित करे। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य नए शहरों और बड़े पुनर्विकास परियोजनाओं में भी इसी प्रकार की भूमिगत यूटिलिटी प्रणाली अपनाई जा सकती है। यह परियोजना आधुनिक शहरी नियोजन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक रखरखाव लागत को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अमरावती का यह मॉडल भारत के शहरी विकास के इतिहास में एक नई पहचान बना सकता है और विश्वस्तरीय राजधानी शहरों की श्रेणी में इसे शामिल करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-01 18:59:31