उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा एक बार फिर शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने बताया कि मार्ग पर गिरे मलबे को सफलतापूर्वक हटा दिया गया है और मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया। हाल के दिनों में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग के कुछ हिस्सों में मलबा जमा हो गया था, जिसके चलते एहतियात के तौर पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। राज्य सरकार, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन दल और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मिलकर सड़क और पैदल मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने का कार्य किया। अधिकारियों के अनुसार मार्ग की सुरक्षा का विस्तृत निरीक्षण करने और मौसम की अनुकूल स्थिति की पुष्टि होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम संबंधी ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही यात्रा के दौरान सतर्क रहने, निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों और राहत दलों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। केदारनाथ धाम चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मौसम में अचानक बदलाव की संभावना अधिक रहती है, इसलिए प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। यात्रा दोबारा शुरू होने से हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिली है, जबकि स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-31 16:05:25