भारत में हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक पर सख्ती, स्वास्थ्यवर्धक पेय बताकर प्रचार करने पर रोक

भारत में हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक पर सख्ती, स्वास्थ्यवर्धक पेय बताकर प्रचार करने पर रोक

भारत सरकार ने उच्च कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक्स के प्रचार और विपणन को लेकर नियमों को और सख्त करते हुए इन्हें स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में प्रस्तुत करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों से बचाना तथा खाद्य एवं पेय पदार्थों के विपणन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। नए प्रावधानों के तहत उच्च कैफीन वाले पेय पदार्थों को ऐसे उत्पाद के रूप में प्रचारित नहीं किया जा सकेगा जो स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, ऊर्जा बढ़ाने या विशेष स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का दावा करते हों, यदि ऐसे दावों के लिए नियामकीय स्वीकृति या पर्याप्त वैज्ञानिक आधार उपलब्ध न हो। सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी खाद्य या पेय उत्पाद के बारे में सटीक और तथ्यात्मक जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से यह सुझाव देते रहे हैं कि अत्यधिक कैफीन का सेवन कुछ लोगों में अनिद्रा, बेचैनी, हृदय गति बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है, विशेषकर बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों में। इसी कारण कई देशों में उच्च कैफीन वाले उत्पादों के लेबल, विज्ञापन और विपणन को लेकर विशेष नियम लागू किए गए हैं। भारत में भी खाद्य सुरक्षा और मानक से जुड़े नियामक समय-समय पर उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देश जारी करते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से कंपनियों को अपने उत्पादों के प्रचार में अधिक सावधानी बरतनी होगी और वे केवल प्रमाणित तथा अनुमोदित दावे ही कर सकेंगी। इससे उपभोक्ताओं को उत्पादों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ता संरक्षण, जिम्मेदार विज्ञापन और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में उठाया गया है। आने वाले समय में संबंधित नियामक एजेंसियां नए नियमों के अनुपालन की निगरानी करेंगी और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

by Dainikshamtak on | 2026-07-30 23:52:06

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