आय समानता में भारत दुनिया का चौथा सबसे बेहतर देश, जिनी सूचकांक 25.5 के साथ सभी जी20 देशों से आगे

आय समानता में भारत दुनिया का चौथा सबसे बेहतर देश, जिनी सूचकांक 25.5 के साथ सभी जी20 देशों से आगे

आय समानता के नवीनतम अंतरराष्ट्रीय आकलन के अनुसार भारत 25.5 के जिनी सूचकांक के साथ दुनिया का चौथा सबसे समान आय वितरण वाला समाज बनकर उभरा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने आय समानता के मामले में सभी जी20 देशों को पीछे छोड़ दिया है। जिनी सूचकांक किसी देश में आय या संपत्ति के वितरण में असमानता को मापने का एक प्रमुख आर्थिक संकेतक है। इस सूचकांक का मान जितना कम होता है, आय का वितरण उतना ही अधिक समान माना जाता है। 25.5 का जिनी सूचकांक अपेक्षाकृत कम आय असमानता की ओर संकेत करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में वित्तीय समावेशन, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, डिजिटल भुगतान प्रणाली, जन धन खातों, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं ने आय वितरण में सुधार लाने में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि अर्थशास्त्रियों का यह भी मानना है कि आय असमानता का आकलन विभिन्न संस्थानों द्वारा अलग-अलग पद्धतियों और आंकड़ों के आधार पर किया जाता है, इसलिए विभिन्न रिपोर्टों में रैंकिंग और सूचकांक में अंतर देखने को मिल सकता है। भारत सरकार लगातार समावेशी विकास, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अवसरों के विस्तार पर जोर देती रही है। सरकार का कहना है कि गरीब और कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए डिजिटल अवसंरचना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। दूसरी ओर आर्थिक विशेषज्ञ इस बात पर भी बल देते हैं कि आय समानता के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और उत्पादक अवसरों तक समान पहुंच भी दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा जी20 देशों से बेहतर प्रदर्शन किए जाने का दावा वैश्विक आर्थिक चर्चाओं में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस प्रकार के निष्कर्षों का मूल्यांकन संबंधित रिपोर्ट की कार्यप्रणाली, डेटा स्रोत और संदर्भ के आधार पर किया जाना आवश्यक है। आने वाले समय में नए आर्थिक आंकड़े और स्वतंत्र अध्ययन इस विषय पर और अधिक स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत कर सकते हैं।

by Dainikshamtak on | 2026-07-30 23:51:46

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