कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पार्टी के असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि किसी विधायक को सरकार या पार्टी से असहमति है और वह इस्तीफा देना चाहता है, तो वह अपना इस्तीफा दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "इस्तीफा दीजिए, मैं उसे मिनटों में स्वीकार कर लूंगा।" उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस के कुछ विधायकों में नाराजगी की चर्चाएं चल रही हैं। शिवकुमार ने कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और कांग्रेस नेतृत्व सभी निर्णय संगठन तथा राज्य के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर लेता है। उन्होंने संकेत दिया कि सार्वजनिक रूप से असंतोष जताने के बजाय पार्टी मंच पर अपनी बात रखना अधिक उचित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार स्थिर है और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई राज्यों में असंतोष की स्थिति बनना असामान्य नहीं है, क्योंकि सभी विधायकों को मंत्री पद या अन्य जिम्मेदारियां नहीं मिल पातीं। ऐसे में नेतृत्व के सामने संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। विपक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के अंदर सभी मुद्दों का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। फिलहाल किसी विधायक द्वारा औपचारिक इस्तीफा दिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान पार्टी अनुशासन बनाए रखने का संदेश माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि असंतुष्ट विधायक पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या राजनीतिक घटनाक्रम कोई नया मोड़ लेता है। फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में यह बयान चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-05 23:41:09