RTI खुलासा: FY25 और FY26 में राज्यसभा सांसदों पर वेतन, भत्तों और सुविधाओं पर ₹262 करोड़ से अधिक खर्च

RTI खुलासा: FY25 और FY26 में राज्यसभा सांसदों पर वेतन, भत्तों और सुविधाओं पर ₹262 करोड़ से अधिक खर्च

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) और 2025-26 (FY26) के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यसभा के वर्तमान (Sitting) सदस्यों के वेतन, भत्तों, यात्रा व्यय और अन्य सुविधाओं पर ₹262 करोड़ से अधिक खर्च किए। RTI के जवाब में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इस राशि में सांसदों को मिलने वाले वेतन, दैनिक भत्ते, निर्वाचन क्षेत्र एवं कार्यालय से जुड़े भत्ते, यात्रा सुविधाएं तथा संसद सदस्यों को प्रदान की जाने वाली अन्य अधिकृत सुविधाओं पर हुआ व्यय शामिल है। भारत में सांसदों के वेतन और सुविधाएं संसद द्वारा बनाए गए संबंधित कानूनों और समय-समय पर लागू नियमों के अनुसार निर्धारित की जाती हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य सांसदों को अपने संसदीय दायित्वों और जनप्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सहायता प्रदान करना है। हालांकि, ऐसे आंकड़े सामने आने के बाद सार्वजनिक खर्च, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा भी तेज हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के संचालन के लिए सांसदों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। RTI के माध्यम से सामने आई जानकारी नागरिकों को यह समझने का अवसर देती है कि संसद के संचालन और जनप्रतिनिधियों पर कितना व्यय किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक होने से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, इन खर्चों को सांसदों की कुल संख्या, संसदीय कार्यों और निर्धारित वैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह जानकारी केवल वित्तीय व्यय का विवरण प्रस्तुत करती है और इसे किसी अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

by Dainikshamtak on | 2026-07-20 19:22:38

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