सोनम वांगचुक के अनुरोध पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने समाप्त की भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक के अनुरोध पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने समाप्त की भूख हड़ताल

क्लाइमेट जस्टिस प्रोग्राम (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। अभिजीत दिपके लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे थे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि पर्यावरण कार्यकर्ता और नवोन्मेषक सोनम वांगचुक ने उनसे बातचीत कर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और आंदोलन को अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से आगे बढ़ाने की अपील की। इसके बाद दिपके ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा चल रही है। भूख हड़ताल भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में लंबे समय से शांतिपूर्ण विरोध का एक माध्यम रही है, लेकिन लंबे उपवास से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका भी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य संवाद और समाधान तक पहुंचना होना चाहिए, इसलिए बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दिपके की सभी मांगों पर सरकार या संबंधित पक्षों की ओर से क्या रुख अपनाया जाएगा। हालांकि, उनके अनशन समाप्त करने के फैसले के बाद अब आगे की रणनीति और वार्ता की दिशा पर सभी की नजर रहेगी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सामाजिक आंदोलनों में संवाद और सहमति की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। आने वाले दिनों में संबंधित पक्षों के बीच होने वाली बातचीत से ही इस पूरे मामले की अगली दिशा तय होगी।

by Dainikshamtak on | 2026-07-20 19:21:25

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