NEET UG 2026 से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। 71 वर्षीय एक अभ्यर्थी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर MBBS प्रवेश में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए 1% आरक्षण या विशेष कोटा देने की मांग की है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि वर्तमान प्रवेश व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं है, जबकि शिक्षा प्राप्त करना और अपने करियर का चुनाव करना किसी भी आयु में व्यक्ति का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए मेडिकल शिक्षा में अवसर सुनिश्चित करने हेतु विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं। यह मामला अपनी प्रकृति के कारण चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश NEET UG के माध्यम से मेरिट और मौजूदा आरक्षण नीति के आधार पर होता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, MBBS प्रवेश के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग आरक्षण या विशेष कोटा का प्रावधान भी मौजूद नहीं है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस याचिका पर अदालत को यह तय करना होगा कि क्या ऐसी मांग संवैधानिक प्रावधानों और वर्तमान शिक्षा नीति के अनुरूप है। यदि अदालत इस मामले में सरकार या संबंधित प्राधिकरण से जवाब मांगती है, तो यह मुद्दा व्यापक कानूनी और नीतिगत बहस का विषय बन सकता है। दूसरी ओर, शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का मौजूदा ढांचा योग्यता और प्रतिस्पर्धी परीक्षा पर आधारित है, इसलिए किसी नए आरक्षण वर्ग को शामिल करने के लिए नीतिगत और विधायी स्तर पर निर्णय आवश्यक होगा। फिलहाल यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। अदालत के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मांग पर आगे कोई कार्रवाई होगी या नहीं।
by Dainikshamtak on | 2026-07-19 16:17:02