लगभग डेढ़ दशक बाद फॉर्मूला-1 (F1) की भारत वापसी की संभावनाएं फिर से मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। केंद्र सरकार वर्ष 2028 में ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर इंडियन ग्रां प्री की वापसी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ काम कर रही है। भारत में आखिरी बार F1 रेस वर्ष 2013 में आयोजित हुई थी, जिसके बाद कराधान (Taxation) और नियामकीय (Regulatory) विवादों के कारण यह आयोजन बंद हो गया था। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में संभावित ट्रैक मालिकों, मोटरस्पोर्ट्स फेडरेशन और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक की। इस बैठक में अडानी समूह भी शामिल रहा, जो बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के स्वामित्व वाली कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है। अडानी समूह के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत में F1 की वापसी के प्रयासों में जुड़े हुए हैं। दूसरी ओर, फॉर्मूला-1 के CEO स्टेफानो डोमेनिकाली ने भी भारत में दोबारा रेस आयोजित करने में "बड़ी रुचि" होने की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए सही प्रमोटर, सरकार और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग तथा उपयुक्त समय आवश्यक होगा। सरकार ने कराधान, नियामकीय ढांचे, अवसंरचना और नीति संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाने की भी पहल की है, ताकि वे समस्याएं दोबारा न आएं जिनके कारण 2013 के बाद F1 भारत से बाहर हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो भारत वैश्विक मोटरस्पोर्ट कैलेंडर में दोबारा महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है। इससे पर्यटन, निवेश, खेल उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि फिलहाल 2028 में F1 की वापसी एक प्रस्तावित योजना है और इसकी आधिकारिक पुष्टि शेड्यूल जारी होने के बाद ही होगी।
by Dainikshamtak on | 2026-07-18 16:35:32