Defence Research and Development Organisation प्रमुख ने कहा है कि India ऐसी क्वांटम सेंसिंग तकनीक विकसित कर रहा है, जो समुद्र में लगभग 200 मीटर गहराई तक मौजूद पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम हो सकती है। इस परियोजना को भारत की उभरती हुई उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Quantum Sensing ऐसी तकनीक है जो अत्यंत सूक्ष्म भौतिक परिवर्तनों, चुंबकीय क्षेत्रों और अन्य संकेतों को उच्च संवेदनशीलता के साथ माप सकती है। रक्षा क्षेत्र में इसका उपयोग निगरानी, नेविगेशन और लक्ष्य पहचान जैसी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि पनडुब्बियों का पता लगाना आधुनिक नौसैनिक युद्ध की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जाता है। पारंपरिक sonar प्रणालियों की अपनी सीमाएं होती हैं, विशेष रूप से शांत और उन्नत stealth submarines के खिलाफ। इसी कारण दुनिया की कई सैन्य शक्तियां quantum-based detection technologies पर अनुसंधान कर रही हैं।
Defence Research and Development Organisation हाल के वर्षों में quantum communication, quantum cryptography और quantum sensing जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन तकनीकों को भविष्य की रणनीतिक क्षमताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऐसी प्रणाली सफलतापूर्वक विकसित होती है, तो यह समुद्री निगरानी, anti-submarine warfare और maritime domain awareness में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों के बीच ऐसी क्षमताओं का महत्व बढ़ जाता है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि quantum sensing अभी भी तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और प्रयोगशाला स्तर की सफलता को वास्तविक परिचालन वातावरण में लागू करना एक जटिल प्रक्रिया होती है। समुद्री परिस्थितियां, सिग्नल शोर और तकनीकी विश्वसनीयता जैसे कई कारक महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
India वर्तमान में रक्षा अनुसंधान, स्वदेशी तकनीक और भविष्य की युद्धक क्षमताओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, quantum technologies आने वाले दशकों में सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।
फिलहाल इस परियोजना को भारत की अगली पीढ़ी की रक्षा और समुद्री निगरानी क्षमताओं के महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-30 20:21:07