अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भारत को वैश्विक और क्षेत्रीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उसकी सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक महत्व की सराहना की है। अपने हालिया बयान में उन्होंने कहा कि भारत आज इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और व्यापक वैश्विक व्यवस्था में एक निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में है। उन्होंने भारत को एक “क्रिटिकल एंकर” बताते हुए कहा कि देश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, मजबूत सैन्य क्षमता और स्वतंत्र विदेश नीति उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक प्रभावशाली शक्ति बनाती है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देशों को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए रणनीतिक निर्णय लेने चाहिए और भारत इस दृष्टिकोण का एक प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, रक्षा उत्पादन में बढ़ती आत्मनिर्भरता और उन्नत सैन्य क्षमताओं की प्रशंसा की। हाल के वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें स्वदेशी हथियार प्रणालियों का विकास, आधुनिक लड़ाकू प्लेटफॉर्मों की खरीद और सैन्य अवसंरचना का विस्तार शामिल है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने रक्षा प्रौद्योगिकी, संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उसकी रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जहां कई क्षेत्रों में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, वहां भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार भारत की सैन्य क्षमता, आर्थिक विकास और बहुपक्षीय कूटनीतिक सक्रियता उसे आने वाले वर्षों में वैश्विक शक्ति संतुलन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती है। अमेरिकी रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच गहरे होते रणनीतिक संबंधों और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा में हो रही वृद्धि का संकेत मानी जा रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-30 15:49:10