भारत का सबसे बड़ा पनडुब्बी निर्माण अभियान शुरू, ₹70,000 करोड़ की प्रोजेक्ट-751 को मिली मंजूरी

भारत का सबसे बड़ा पनडुब्बी निर्माण अभियान शुरू, ₹70,000 करोड़ की प्रोजेक्ट-751 को मिली मंजूरी

भारत अपनी समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग ₹70,000 करोड़ की लागत वाली प्रोजेक्ट-751 को मंजूरी मिलने के साथ ही देश में दशकों का सबसे बड़ा पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम शुरू होने की तैयारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भारतीय नौसेना की पनडुब्बी क्षमता को बढ़ाना, समुद्री निगरानी को मजबूत करना और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और सशक्त बनाना है। रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार प्रोजेक्ट-751 के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई पीढ़ी की पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें उन्नत स्टील्थ क्षमता, लंबी परिचालन अवधि और आधुनिक हथियार प्रणालियां शामिल हो सकती हैं। यह परियोजना भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, विशेषकर ऐसे समय में जब हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा और नौसैनिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। भारतीय नौसेना पिछले कई वर्षों से अपने बेड़े के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है और पनडुब्बी बेड़े का विस्तार उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इस परियोजना से न केवल नौसेना की युद्धक क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना में भारतीय शिपयार्ड, रक्षा कंपनियों और तकनीकी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जिससे उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रणनीतिक दृष्टि से यह कार्यक्रम भारत की समुद्री प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार प्रोजेक्ट-751 भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है और आने वाले वर्षों में देश की समुद्री शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

by Dainikshamtak on | 2026-05-30 15:49:51

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