भारतीय वायुसेना ने अपने लड़ाकू विमानों की परिचालन क्षमता और रखरखाव प्रणाली को और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस क्रम में Indian Air Force ने Indian Institute of Technology Bombay के साथ मिलकर Su-30 MKI लड़ाकू विमानों के इंजनों के लिए एक विशेष ‘हेल्थ इंडेक्स’ विकसित करने की परियोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य इंजनों की वास्तविक समय में स्थिति का आकलन करना, संभावित तकनीकी समस्याओं का पहले से पता लगाना और रखरखाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में Su-30 MKI सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों में शामिल हैं और ये देश की वायु शक्ति का प्रमुख आधार माने जाते हैं। प्रस्तावित हेल्थ इंडेक्स प्रणाली इंजन से प्राप्त विभिन्न तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण कर उसकी कार्यक्षमता, घिसावट, प्रदर्शन और संभावित खराबियों का मूल्यांकन करेगी। इससे इंजनों की स्थिति का सटीक आकलन संभव होगा और समय रहते आवश्यक मरम्मत या रखरखाव किया जा सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी प्रणालियां भविष्यसूचक रखरखाव मॉडल को बढ़ावा देती हैं, जिससे विमानों की उपलब्धता बढ़ती है और परिचालन लागत कम करने में भी सहायता मिलती है। इस परियोजना में डेटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉडलिंग और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। भारतीय वायुसेना लंबे समय से स्वदेशी तकनीकी समाधान और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा दे रही है ताकि रक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता और दक्षता में वृद्धि की जा सके। IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों और वायुसेना के तकनीकी अधिकारियों के बीच यह सहयोग रक्षा अनुसंधान और विमानन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में अन्य सैन्य विमानों और रक्षा प्लेटफॉर्मों के लिए भी इसी प्रकार की स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियां विकसित की जा सकती हैं, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-05-30 15:48:30