केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी आयोजनों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के छह छंदों के पूर्ण संस्करण को अनिवार्य कर दिया। यह 1950 में अपनाए जाने के बाद पहली औपचारिक प्रोटोकॉल है। आदेश दिनांक 6 फरवरी 2026 को जारी। वंदे मातरम और राष्ट्रगान दोनों बजाने पर राष्ट्रीय गीत पहले गाया जाएगा। गीत की अवधि तीन मिनट दस सेकंड निर्धारित। सभी उपस्थित व्यक्ति ध्यान मुद्रा में खड़े रहेंगे। ध्वज फहराने समारोह, राष्ट्रपति के आगमन-प्रस्थान, भाषणों के पूर्व-उत्तर, राज्यपाल के कार्यक्रमों में अनिवार्य। राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित अवसरों पर भी। बैंड द्वारा बजाने से पूर्व ड्रमरोल होगा। मार्चिंग ड्रिल में सात कदम। सांस्कृतिक आयोजनों और ध्वज फहराने पर गायन। अनौपचारिक आयोजनों में समूह गायन। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के मूल छह छंदों को आधिकारिक रूप दिया। नेहरू सरकार द्वारा चार छंद हटाए गए थे। यह पुनर्स्थापना वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर। आदेश में गायन प्रक्रिया, सम्मान प्रोटोकॉल विस्तृत। राष्ट्रपति के राष्ट्र को संबोधन से पूर्व-उत्तर प्रसारण। राज्यपाल-उपराज्यपाल के आगमन-प्रस्थान। मृदंग या तुरही द्वारा आरंभ। मार्चिंग में सात चरण। सभी सदस्य ध्यानावस्था। केंद्र ने वंदे मातरम को प्राथमिकता दी। राष्ट्रीय गीत का सम्मान सुनिश्चित। यह स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक। बंकिम चंद्र का सृजन 1882। आनंदमठ उपन्यास से। 1937 में राष्ट्रीय गीत घोषित। विवादास्पद छंदों को पहले हटाया। अब पूर्ण संस्करण बहाल। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों में लागू। सांस्कृतिक महत्व। राष्ट्रीय एकता का प्रतीक। आदेश 10 पृष्ठों का। प्रोटोकॉल विस्तृत। मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए। वंदे मातरम गौरवशाली इतिहास।
by Dainikshamtak on | 2026-05-07 15:12:48