मोहन माझी का मुंद्रा पोर्ट दौरा: 'टू-कोस्ट' विकास रणनीति का आह्वान

मोहन माझी का मुंद्रा पोर्ट दौरा: 'टू-कोस्ट' विकास रणनीति का आह्वान

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चारण माझी ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का दौरा किया। उन्होंने भारत के पश्चिमी और पूर्वी तटों पर संतुलित संचालन के लिए 'टू-कोस्ट' विकास रणनीति का प्रस्ताव रखा। माझी ने उद्योग नेताओं से अपील की कि वे पूर्वी तट पर भी विस्तार करें। मुंद्रा पोर्ट के कंटेनर जेटी, वीएलसीसी जेटी और वेस्ट पोर्ट क्षेत्र का दौरा किया। तांबा, सौर सेल और पवन टरबाइन निर्माण इकाइयों का अवलोकन किया। ओडिशा के पास पारिस्थितिकी तंत्र, कनेक्टिविटी और नीतिगत समर्थन उपलब्ध है। पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से रणनीतिक जुड़ाव। धामरा, पारादीप और गोपालपुर बंदरगाह प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्र। ओडिशा पूर्वी तट पर विकास इंजन बन रहा। माझी गुजरात के तीन दिवसीय निवेश आकर्षण यात्रा पर हैं। अहमदाबाद में रोड शो, वडोदारा में निवेशक मीटिंग और केवाड़िया दौरा शामिल। उद्योग मंत्री सम्पाद चंद्र स्वैन और वरिष्ठ अधिकारी साथ थे। मुंद्रा पोर्ट भारत का सबसे बड़ा व्यावसायिक बंदरगाह है। अदानी समूह संचालित। बड़े पैमाने पर कार्गो हैंडलिंग क्षमता। पश्चिमी तट पर प्राप्त उपलब्धियों को पूर्वी तट पर विस्तारित करने का समय। निवेश इरादे तेजी से कार्यान्वयन में बदल रहे। ओडिशा बंदरगाह आधारित विकास दृष्टिकोण अपना रहा। औद्योगिक क्लस्टर विकसित हो रहे। वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में ओडिशा की भूमिका बढ़ रही। माझी ने कहा कि भारत का विकास एकतरफा नहीं रह सकता। पूर्वी तट का अकूट पोटेंशियल उपयोग हो। बंदरगाह आधारित उद्योगों में अवसर। लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विस्तार। ओडिशा सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां लाई। भूमि बैंक, बिजली और जल सुविधाएं। पूर्वी तट विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता। गुजरात मॉडल पूर्वी तट पर दोहराने का प्रस्ताव। माझी का यह आह्वान उद्योग जगत में चर्चा का विषय बना। निवेश प्रस्ताव आने की संभावना।


by Dainikshamtak on | 2026-05-07 15:07:16

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