केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात में दो नई सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी प्रदान कर दी। इन परियोजनाओं में कुल 3,936 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह भारत सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 के अंतिम दो प्रोजेक्ट हैं। धोलेरा में क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड मिनी/माइक्रो एलईडी डिस्प्ले सुविधा स्थापित करेगी। यह देश की पहली व्यावसायिक GaN तकनीक आधारित इकाई होगी। सूरत में सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड OSAT सुविधा बनाएगी। यह लीड फ्रेम और वायरबॉन्ड पैकेजिंग पर केंद्रित होगी। दोनों योजनाएं 2,230 कुशल नौकरियों का सृजन करेंगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ISM 1.0 2022 में शुरू हुआ था। अब तक 12 प्रोजेक्ट स्वीकृत हो चुके। कुल निवेश 1.64 लाख करोड़ रुपये। गुजरात ने चार प्रमुख इकाइयों के साथ 1.24 लाख करोड़ आकर्षित किए। संंद और धोलेरा चिप पारिस्थितिकी तंत्र के केंद्र बन रहे। OSAT इकाई सालाना 1033 मिलियन चिप उत्पादन करेगी। एयर कंडीशनर, टेलीविजन, मोबाइल, लैपटॉप, ईवी बैटरी प्रबंधन, मोटर नियंत्रक, सोलर इन्वर्टर के लिए उपयोगी। SOIC के लिए 673 मिलियन और TO के लिए 263 मिलियन चिप क्षमता। प्रत्यक्ष रोजगार 630 लोगों को। GaN आधारित डिस्प्ले पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी और औद्योगिक प्रणालियों के लिए। ऑटोमोटिव, औद्योगिक स्वचालन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र मजबूत होंगे। सरकार ने 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता स्वीकृत की। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित। डिजाइन क्षमता और बुनियादी ढांचा विकास। गुजरात अब भारत का सेमीकंडक्टर हब बन रहा। वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान। इन इकाइयों से निर्यात बढ़ेगा। कुशल मानव संसाधन सृजन। तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन। भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम मजबूत हो रहा। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान का महत्वपूर्ण कदम है। उद्योगपतियों ने स्वागत किया। उत्पादन शीघ्र प्रारंभ होगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-06 15:26:33