उत्तर प्रदेश सरकार ने समाप्त किया स्मार्ट मीटर का प्रीपेड सिस्टम, सभी उपभोक्ता पोस्टपेड बिलिंग पर

उत्तर प्रदेश सरकार ने समाप्त किया स्मार्ट मीटर का प्रीपेड सिस्टम, सभी उपभोक्ता पोस्टपेड बिलिंग पर

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था समाप्त कर दी है। सभी बिजली कनेक्शन अब पोस्टपेड बिलिंग सिस्टम पर लौट आएंगे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसकी घोषणा की। पिछले एक वर्ष में 75 लाख कनेक्शन प्रीपेड मोड में स्थानांतरित किए गए थे। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया। अत्यधिक बिलिंग, कनेक्शन बहाली में देरी और तकनीकी खराबी प्रमुख समस्याएं रहीं। कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समिति गठित कर मामले की समीक्षा कराई। सभी स्मार्ट मीटर अब सामान्य पोस्टपेड मीटर की तरह कार्य करेंगे। मासिक बिलिंग चक्र बहाल हो गया। प्रति माह पहले से अंतिम दिन तक उपभोग दर्ज होगा। बिल दस तारीख तक एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे। भुगतान के लिए पंद्रह दिवस का समय मिलेगा। बिल न प्राप्त करने वाले उपभोक्ता कनेक्शन नंबर से व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से बिल प्राप्त कर सकेंगे। 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मोबाइल नंबर परिवर्तन करने वालों को विवरण अद्यतन करने की सलाह दी गई। अप्रैल तक के बकाया 30 अप्रैल तक के देय राशि को दस किश्तों में चुकाने की सुविधा दी गई। मई-जून में मंडल और उपमंडल स्तर पर विशेष शिविर आयोजित होंगे। स्मार्ट मीटर संबंधी बिलिंग शिकायतों का निस्तारण होगा। नई बिजली कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगते रहेंगे लेकिन पोस्टपेड मोड में कार्य करेंगे। पुराने मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर से प्रतिस्थापन कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने भी स्मार्ट मीटर के लिए प्रीपेड मोड अनिवार्यता समाप्त कर दी। यह निर्णय उपभोक्ता हित में लिया गया। प्रदेश में 3.8 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं।


by Dainikshamtak on | 2026-05-06 15:14:53

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