DRDO ने TAPAS UAV तकनीक निजी क्षेत्र को सौंपी, 87 ड्रोन टेंडर से पहले

DRDO ने TAPAS UAV तकनीक निजी क्षेत्र को सौंपी, 87 ड्रोन टेंडर से पहले

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने TAPAS-BH-201 MALE UAV कार्यक्रम के प्रमुख विकास को भारतीय निजी कंपनियों को हस्तांतरित कर दिया। यह कदम आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगा। 87 हथियारबंद MALE ड्रोन के आगामी 20,000 करोड़ रुपये के त्रिसेवा टेंडर के लिए समयबद्ध है। TAPAS कार्यक्रम से प्राप्त महत्वपूर्ण तकनीकें निजी क्षेत्र को सौंपी गईं। इससे पूर्व प्रदर्शन चुनौतियों को दूर किया जा सकेगा। निजी कंपनियां उन्नत MALE UAV विकसित कर सकेंगी। DRDO ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की। तकनीक हस्तांतरण स्वदेशी ड्रोन निर्माण को मजबूत करेगा। TAPAS मध्यम ऊंचाई लंबी सहनशक्ति वाला UAV है। 30 घंटे उड़ान क्षमता। 350 किलोमीटर ऊंचाई। SATCOM समर्थन। 20 किलोग्राम पेलोड। उच्च ऊंचाई लॉजिस्टिक्स के लिए उपयुक्त। सेना, नौसेना, वायुसेना के लिए 87 ड्रोन। राफे एम्फिब्र जैसे निजी खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। 335 एचपी स्वदेशी इंजन। कार्बन फाइबर संरचना। उड़ान नियंत्रण प्रणाली। विकास-उत्पादन भागीदार मॉडल। प्राथमिकता खरीद पहुंच नीति। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन। निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ेगी। DRDO की तकनीक से स्थानीय सामग्री सुनिश्चित। जीवनचक्र लागत कम। रणनीतिक स्वायत्तता। टेंडर में स्वदेशी इंजन लाभ। टेक एयरोस्पेस, आईएआई जैसे सहयोग। TAPAS कार्यक्रम से एरोडायनामिक्स, विंग, कम्पोजिट एयरफ्रेम, प्रोपल्शन, डी-आइसिंग। डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल, ATOL। ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन। ISTAR, तोपखाना लक्ष्य, हमला मूल्यांकन। SAAW, ATGM हथियार। 6-7 UAV संचालन। निजी क्षेत्र लंबी सहनशक्ति UAV निर्माण में महत्वपूर्ण। नीतिगत समर्थन से वैश्विक प्रतिस्पर्धा। 87 ड्रोन टेंडर स्वर्ण अवसर। उच्च स्वदेशी सामग्री। DRDO निजी भागीदारी से रक्षा क्षमता मजबूत।


by Dainikshamtak on | 2026-05-06 15:25:34

Related Post