NTPC ने आंध्र प्रदेश में शुरू किया भारत का पहला इथेनॉल-टू-जेट SAF प्लांट

NTPC ने आंध्र प्रदेश में शुरू किया भारत का पहला इथेनॉल-टू-जेट SAF प्लांट

एनटीपीसी लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश के पुडिमड़का में भारत का पहला इथेनॉल-टू-जेट सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया। जीपीएस रिन्यूएबल्स को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन ठेका मिला। यह प्लांट एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के ग्रीन हाइड्रोजन हब में स्थित है। वार्षिक 1800 टन SAF उत्पादन क्षमता। सीओ2 से प्राप्त इथेनॉल आधारित प्रक्रिया। इथेनॉल-टू-एथिलीन रूपांतरण, ओलेफिन्स ओलिगोमराइजेशन और हाइड्रोप्रोसेसिंग तकनीक। लम्स टेक्नोलॉजी प्रोसेस लाइसेंस प्रदान करेगी। एक्साइटेल इंडिया विस्तृत इंजीनियरिंग करेगी। जीपीएस रिन्यूएबल्स समग्र कार्यान्वयन करेगी। हाइड्रोजन उत्पादन पैकेज, ऑफसाइट्स और यूटिलिटीज शामिल। मार्च 2029 तक चालू। एक वर्ष पोस्ट-कमिशनिंग संचालन। विमानन क्षेत्र के लिए स्वदेशी SAF क्षमता निर्माण। पर्यावरणीय स्थिरता लक्ष्य। भारत ने 2070 तक नेट जीरो प्रतिबद्धता। एविएशन उत्सर्जन में कमी आवश्यक। SAF पारंपरिक जेट फ्यूल से 80 प्रतिशत कम कार्बन। वैश्विक विमानन ईंधन में 10 प्रतिशत SAF मिश्रण लक्ष्य। आंध्र प्रदेश औद्योगिक विकास केंद्र। आंचुटापुरम एपीआईआईसी औद्योगिक क्षेत्र। पुडिमड़का ग्रीन हाइड्रोजन हब रणनीतिक स्थान। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी। ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकास। प्लांट रिन्यूएबल डीजल भी उत्पादित करेगा। जीपीएस रिन्यूएबल्स पूर्ण-स्टैक रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी। लम्स टेक्नोलॉजी वैश्विक विशेषज्ञता। यह भारत का पहला व्यावसायिक ETJ SAF प्लांट। विमानन उद्योग के लिए मील का पत्थर। घरेलू उत्पादन से आयात निर्भरता कम। तकनीकी आत्मनिर्भरता। आंध्र प्रदेश सरकार का समर्थन। औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत। रोजगार सृजन। हरित ऊर्जा संक्रमण। विमानन उत्सर्जन नियंत्रण। वैश्विक SAF बाजार में भारत की भागीदारी। एनटीपीसी की नई ऊर्जा पहल।


by Dainikshamtak on | 2026-05-07 15:10:19

Related Post