भारत के पहले और सबसे तेज क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर Delhi–Meerut RRTS ने पूर्ण संचालन शुरू होने के कुछ ही महीनों के भीतर 3 करोड़ यात्री यात्राओं का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि को देश के शहरी परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Delhi–Meerut RRTS को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेज, आधुनिक और समय-कुशल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच यात्रा समय को काफी कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना ने दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यावसायिक यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की है।
इस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत ट्रेनों की अधिकतम परिचालन गति लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक रखी गई है, जिससे यह भारत की सबसे तेज क्षेत्रीय रेल सेवाओं में शामिल हो गई है। परियोजना का उद्देश्य सड़क यातायात दबाव कम करना, प्रदूषण नियंत्रण में मदद करना और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बहु-मोडल परिवहन प्रणाली को मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि लोग तेज और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस तरह की परियोजनाओं को भविष्य की शहरी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर में अत्याधुनिक स्टेशन, डिजिटल टिकटिंग, सुरक्षा प्रणाली और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, कई स्टेशनों को मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जोड़ा गया है ताकि यात्रियों को सहज कनेक्टिविटी मिल सके।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह का यात्री रुझान जारी रहता है, तो भविष्य में अन्य क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट परियोजनाओं को भी गति मिल सकती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लंबे समय से तेज और संगठित क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे यह परियोजना काफी हद तक पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दीर्घकालिक सफलता के लिए किराया संरचना, अंतिम मील कनेक्टिविटी और नेटवर्क विस्तार जैसे मुद्दों पर लगातार काम करना होगा। इसके बावजूद, 3 करोड़ यात्री यात्राओं का आंकड़ा परियोजना की प्रारंभिक स्वीकार्यता और उपयोगिता को दर्शाता है।
Delhi–Meerut RRTS को भारत के आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के प्रमुख उदाहरणों में गिना जा रहा है, और इसे भविष्य के स्मार्ट मोबिलिटी मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-07 15:06:20