केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अगले 15 दिन लगातार राज्य में ही रहकर बीजेपी की चुनावी रणनीति को संभालेंगे और विभिन्न जनसभाओं, रैलियों और नामांकन कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। शाह ने यह घोषणा नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के नामांकन में शामिल होने के दौरान की, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सीधे प्रतिस्पर्धा वाले इस चुनाव को राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना का केंद्र बताया। शाह ने कहा कि वह पुरोखड़ा और भवानीपुर सहित बंगाल के कई महत्वपूर्ण इलाकों में घूम‑घूमकर जनता से व्यक्तिगत बातचीत करेंगे और चुनाव अभियान के अंतिम चरण में बीजेपी को और संगठनात्मक ऊर्जा देंगे।
शाह का दावा है कि बंगाल की जनता अब ममता सरकार से त्रस्त हो चुकी है और टीएमसी के कार्यकाल के दौरान गुंडागर्दी, विकास में पिछड़ना, बेरोजगारी और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को देखते हुए लोग परिवर्तन के प्रति तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह 15‑दिवसीय लगातार बंगाल‑प्रवास न केवल चुनावी संदेशों को जन‑स्तर तक पहुंचाएगा बल्कि राज्य भर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी मजबूत करेगा। शाह ने इस दौरान टीएमसी सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था ढीली रखने, घुसपैठ और भू‑आबादी में बदलाव जैसे मुद्दों को उठाकर सरकारी विफलता का आरोप लगाया और यह आश्वासन दिया कि भविष्य में यदि बीजेपी‑नेतृत्व वाली सरकार बनती है तो राज्य में निवेश, युवा रोजगार और नियम‑नियंत्रण आधारित विकास की नई राजनीति लाई जाएगी। इस बयान के बाद बंगाल राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है और विपक्षी इसे केंद्रीय नेतृत्व की “दैनिक पैसेंजरि” (जीरो⁃स्थानीय नेतृत्व) पर निर्भर चुनावी दौरा‑रणनीति के रूप में देख रहा है, जबकि बीजेपी इसे राज्य‑स्तरीय मुद्दों पर केंद्रीय प्रतिभाग की संकेत के रूप में प्रचारित कर रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-04-02 16:11:35