भारतीय नौसेना का बड़ा बूस्ट: पांचवां निलगिरि‑वर्ग का घातक फ्रिगेट डुनागिरि, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक प्रणालियों के साथ

भारतीय नौसेना का बड़ा बूस्ट: पांचवां निलगिरि‑वर्ग का घातक फ्रिगेट डुनागिरि, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक प्रणालियों के साथ

भारतीय नौसेना ने आज अपने स्टील्थ फ्रिगेट इंडस्ट्री के एक नए चरण के रूप में प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित निलगिरि‑वर्ग की पांचवीं फ्रिगेट आईएनएस डुनागिरि को औपचारिक रूप से प्राप्त कर लिया है, जो कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा तैयार की गई है। डुनागिरि निलगिरि‑क्लास की पांचवीं और GRSE द्वारा बनाई गई दूसरी फ्रिगेट है, जिसे एडवांस्ड स्टील्थ डिजाइन, उच्च स्तर की स्वचालन प्रणाली और बहुआयामी युद्ध‑क्षमता के साथ विकसित किया गया है। इस फ्रिगेट पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम सहित वर्टिकल लांच मिसाइल उपकरण, आधुनिक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, हैवीवेट टॉरपीडो ट्यूब और रॉकेट‑आधारित एंटी‑सबमरीन रूपी बहु‑स्तरीय रक्षा‑आक्रमण उपकरण स्थापित किए गए हैं, जिससे यह एंटी‑एयर, एंटी‑सरफेस और एंटी‑सबमरीन तीनों मिशनों में महारत हासिल कर सकती है। नौसेना का मानना है कि डुनागिरि जैसे स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट भारत की महासागरीय डिटरेंस क्षमता को और मजबूत करेंगे और “आत्मनिर्भर भारत” की रक्षा निर्माण नीति का एक जीवित उदाहरण बनेंगे। इस जहाज की लंबाई लगभग 149 मीटर, विस्थापन लगभग 6,700 टन और कॉम्बाइंड डीजल एंड गैस (CODAG) इंजन से लगभग 28 नॉट तक की अधिकतम गति है, जिससे यह ब्लू‑वॉटर ऑपरेशन में लंबी दूरी और उच्च दक्षता से तैनात रह सकती है। डुनागिरि के साथ भारतीय नौसेना की कुल स्टील्थ गाइडेड‑मिसाइल फ्रिगेट फ्लीट आगे बढ़ते हुए अब 14 जहाजों तक पहुंच गई है, जिनमें ब्रह्मोस मिसाइलों की बड़ी संख्या शामिल है और रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य 2030 तक सम्पूर्ण फ्लीट को इसी तरह की सुपरसोनिक मिसाइल क्षमता से लैस करना है। इस नए फ्रिगेट के शामिल होने से नौसेना की लहर‑संचालित क्षमता, आधुनिक निगरानी और उच्च शक्ति हमला‑क्षमता दोनों को एक ही समय में बढ़ावा मिलेगा और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता पर खास असर देखा जाएगा।


by Dainikshamtak on | 2026-04-02 15:56:58

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