राहुल गांधी का आरोप: FCRA बिल से केवल RSS को फायदा, दूसरे समाजसेवी संस्थानों पर केंद्र की इच्छाशक्ति

राहुल गांधी का आरोप: FCRA बिल से केवल RSS को फायदा, दूसरे समाजसेवी संस्थानों पर केंद्र की इच्छाशक्ति

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में पेश किए गए विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन बिल, 2026 (FCRA Amendment Bill) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यह विधेयक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को विदेशी फंड तक पहुंचाने का एक निर्णायक लाभ देता है, जबकि अन्य दानशील, धार्मिक और समुदाय‑आधारित समाजसेवी संस्थाओं को केंद्र सरकार की स्वेच्छानुसार नीति और अनुमोदन पर निर्भर करने के लिए छोड़ देता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि नए नियमों के तहत जनहित, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानवाधिकार और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में कार्यरत छोटी‑बड़ी गैर‑सरकारी संस्थाओं के लिए विदेशी सहायता प्राप्त करना अत्यधिक कठिन हो जाएगा, जबकि राजनीतिक और धार्मिक पक्षधर संरचनाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। इस तर्क के तहत उन्होंने यह भी कहा कि बिल के जरिए सिविल सोसाइटी पर बढ़ता नियंत्रण लोकतंत्र की बहुआयामी संरचना को कमजोर करेगा और सवालिया निगरानी के अधीन लोगों, संगठनों और आंदोलनों को रोका जाएगा, जबकि राजनीतिक रूप से अनुकूल संगठनों को छूट मिलेगी।

राहुल गांधी ने यह भी जोर दिया कि विदेश से आने वाली सहायता को राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू मुद्दों के नाम पर नियंत्रित करना तथ्यतः स्वतंत्र नागरिक समाज को दबाने की रणनीति के समान है, जिससे मानवाधिकार मोर्चे, महिला नेतृत्व, आदिवासी और धार्मिक अल्पसंख्यक‑आधारित संस्थाएं कमजोर होंगी। उनका कहना है कि देश के लिए विदेशी योगदान का नियमन जरूरी है, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन नहीं किया जाना चाहिए कि एक विशेष संगठन को छोड़कर बाकी सबके लिए मार्ग बंद कर दिया जाए। उन्होंने बिल को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए खासकर अल्पसंख्यकों और दुर्बल समूहों के कार्य को निशाना बनाने का प्रयास बताया और कहा कि ऐसा निर्धारण समाज सेवा, लोकतांत्रिक जागरूकता और जांच‑पड़ताल के कार्य को नुकसान पहुंचाएगा। बार‑बार अपने भाषणों में उन्होंने यह भी जोर दिया कि FCRA संशोधन को सार्वजनिक परामर्श और विपक्ष की आवाज के बिना पेश किया गया है, जो भारत के नीति‑निर्माण प्रक्रिया की लोकतांत्रिक पारदर्शिता को कमजोर करता है।

by Dainikshamtak on | 2026-04-02 15:57:58

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