एलन मस्क की स्पेसएक्स ने अपने शेयर बाजार में हाजिरी पर छलांग लगाने के लिए औपचारिक तौर पर आईपीओ फाइलिंग शुरू कर दी है और इस लिस्टिंग से कंपनी अब तक के विश्व इतिहास में सबसे बड़े आईपीओ में से एक बनने की संभावना बना चुकी है। खबरों के अनुसार स्पेसएक्स की नई आईपीओ योजना के तहत कंपनी 50 अरब डॉलर से अधिक राशि जुटाने की योजना बना रही है जो वर्तमान में सऊदी अरामको के 2019 में जुटाए गए लगभग 29 अरब डॉलर के रिकॉर्ड को आसानी से पार कर सकती है। कंपनी की अनुमानित वैल्यूएशन 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनियों में शामिल हो सकती है। स्पेसएक्स ने अपना आईपीओ ड्राफ्ट अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास “कॉन्फिडेंशियल” तरीके से जमा किया है, जहां कंपनी की वित्तीय स्थिति, राजस्व और भविष्य की रणनीति जैसी प्राथमिक जानकारियां छिपी रहती हैं जिससे बाजार को कम से कम इतना जोखिम रहता है कि कोई निवेशक नई जानकारी पर बड़ी सेंसेटिव मूवमेंट न करे।
सूत्रों के अनुसार लिस्टिंग जून 2026 तक हो सकती है और इस आईपीओ में बैंक ऑफ अमेरिका, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैच्स, जेपी मॉर्गन और मोर्गन स्टैनली जैसी प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों की भूमिका केंद्रीय मानी जा रही है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्रीय बैंक‒प्रतिनिधि मिलकर ग्लोबल इन्वेस्टर बेस से प्रारंभिक बोली जुटाने जैसी “टेस्टिंग द वॉटर्स” मीटिंग्स के माध्यम से भाव तय करने की तैयारी में हैं। लगभग 30 प्रतिशत शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए आरक्षित रखे जाने की भी योजना है, जिससे नियमित निवेशकों को भी एकरात्रि कमाई और जोखिम दोनों झेलने की संभावना होगी। स्पेसएक्स की आय का बड़ा हिस्सा फाल्कन‑9 रॉकेट लॉन्च सेवाओं और स्टारलिंक उपग्रह नेटवर्क से आती है, जो कुल राजस्व को लगभग 20 अरब डॉलर प्रति वर्ष तक पहुंचा चुकी हैं, जबकि मस्क ने xAI और स्पेसएक्स को मर्ज करने की योजना भी स्पष्ट की है, जिससे इस नई एंटिटी की वैल्यूएशन लगभग 1.25‑1.75 ट्रिलियन डॉलर के बीच रहने की अपेक्षा की जा रही है। इस आईपीओ को अंतरिक्ष, एआई और ग्लोबल डिजिटल बुनियादी ढांचे के भविष्य को बदलने वाली सबसे बड़ी वित्त‑घाटी में से एक माना जा रहा है, जहां खरीदारी की तीव्रता और मूल्य प्रबंधन दोनों एक साथ कठिन होगा।
by Dainikshamtak on | 2026-04-02 16:01:04