संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है, जिनमें रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन हवाई हमलों में लगभग 185 निर्दोष नागरिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। संयुक्त राष्ट्र में अपनी टिप्पणी के दौरान भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं, खासकर तब जब इनमें आम नागरिकों के प्रभावित होने की खबरें सामने आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश के लिए एक ओर इस्लामी एकजुटता की बात करना और दूसरी ओर रमजान के दौरान घातक सैन्य कार्रवाई करना विरोधाभासी प्रतीत होता है। भारत के प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि मानवीय मूल्यों और धार्मिक एकजुटता की बात करते समय व्यवहार में भी उसी भावना को प्रतिबिंबित होना चाहिए। अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति लंबे समय से जटिल बनी हुई है और सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों को लेकर क्षेत्रीय तनाव भी समय-समय पर सामने आता रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार जिन हवाई हमलों का उल्लेख किया गया है, उनमें बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र मंच पर भारत ने नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं से क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। इस बयान के बाद अफगानिस्तान की स्थिति और सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर इस प्रकार की टिप्पणियां अक्सर क्षेत्रीय सुरक्षा, मानवीय चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े व्यापक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती हैं। भारत ने अपने बयान में नागरिकों की सुरक्षा और जिम्मेदार आचरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए इस तरह की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
by Dainikshamtak on | 2026-03-10 13:03:44