भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप कंपनी सर्वम एआई ने अपने बड़े भाषा मॉडल को डेवलपर्स के लिए ओपन-सोर्स करने की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि उसने अपने 30 अरब और 105 अरब पैरामीटर वाले एआई मॉडलों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया है, जिससे डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और तकनीकी कंपनियों को इन मॉडलों का उपयोग कर नए एआई अनुप्रयोग विकसित करने में सुविधा मिल सकेगी। ओपन-सोर्स मॉडल जारी करने का उद्देश्य एआई तकनीक के विकास को तेज करना और अधिक डेवलपर्स को उन्नत एआई क्षमताओं तक पहुंच प्रदान करना है। सर्वम एआई भारत की उन उभरती प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है जो बड़े भाषा मॉडल और एआई प्लेटफॉर्म के विकास पर काम कर रही हैं। कंपनी के अनुसार इन मॉडलों को इस तरह तैयार किया गया है कि डेवलपर्स इन्हें विभिन्न डिजिटल सेवाओं, एप्लिकेशन, चैटबॉट, शोध परियोजनाओं और अन्य तकनीकी समाधानों में उपयोग कर सकें। ओपन-सोर्स करने का मतलब यह है कि डेवलपर्स को इन मॉडलों के उपयोग, परीक्षण और सुधार के लिए अधिक स्वतंत्रता मिलती है, जिससे तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर भी कई तकनीकी कंपनियां अपने एआई मॉडलों को आंशिक या पूर्ण रूप से ओपन-सोर्स कर रही हैं, ताकि डेवलपर समुदाय इन तकनीकों को विभिन्न क्षेत्रों में लागू कर सके। भारत में एआई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से निवेश और अनुसंधान बढ़ रहा है और कई स्टार्टअप नई एआई प्रणालियों के विकास में सक्रिय हैं। सर्वम एआई द्वारा 30 अरब और 105 अरब पैरामीटर वाले मॉडलों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने को देश में एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम से भारतीय डेवलपर समुदाय को बड़े पैमाने के एआई मॉडलों पर काम करने का अवसर मिलेगा और इससे नए तकनीकी समाधान विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही शोध संस्थानों और स्टार्टअप्स को भी एआई मॉडलिंग और भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोग करने के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि इन मॉडलों को उपलब्ध कराने का उद्देश्य तकनीकी सहयोग को बढ़ाना और एआई नवाचार को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करना है, ताकि डेवलपर समुदाय नई डिजिटल सेवाओं और एआई आधारित समाधान विकसित कर सके।
by Dainikshamtak on | 2026-03-09 16:26:26