फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। यह टिप्पणी डिजिटल सुरक्षा, बाल संरक्षण और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नियमन से जुड़े व्यापक वैश्विक विमर्श के बीच सामने आई। मैक्रों ने कहा कि कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं और सरकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के लिए आयु-आधारित सुरक्षा उपायों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को सार्वजनिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा से जोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। हाल के वर्षों में कई देशों ने बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर कड़े दिशानिर्देश लागू करने या आयु सत्यापन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस संदर्भ में मैक्रों ने भारत जैसे बड़े डिजिटल बाजारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है और बड़ी संख्या में किशोर तथा युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभाव, डेटा गोपनीयता, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन सामग्री के नियमन जैसे मुद्दे नीति-निर्माताओं के लिए प्रमुख विषय बने हुए हैं। मैक्रों के इस आग्रह को डिजिटल नियमन और बाल अधिकारों पर चल रही अंतरराष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा माना जा रहा है। भारत सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन देश में पहले से ही सूचना प्रौद्योगिकी नियमों और ऑनलाइन सुरक्षा ढांचे के तहत विभिन्न प्रावधान लागू हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आयु-आधारित प्रतिबंध के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा, प्रभावी आयु सत्यापन प्रणाली और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। यह मुद्दा तकनीकी नवाचार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बाल संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़ा हुआ है।
by Dainikshamtak on | 2026-02-19 13:23:03