वित्त वर्ष 2025 में महाराष्ट्र शीर्ष, अरुणाचल प्रदेश सबसे नीचे

वित्त वर्ष 2025 में महाराष्ट्र शीर्ष, अरुणाचल प्रदेश सबसे नीचे

वित्त वर्ष 2025 के लिए राज्यों के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) रैंकिंग में महाराष्ट्र को देश का सबसे समृद्ध राज्य दर्ज किया गया है, जबकि अरुणाचल प्रदेश सूची में सबसे नीचे रहा है। जीएसडीपी किसी राज्य की आर्थिक गतिविधियों का समग्र माप होता है और यह उद्योग, सेवा तथा कृषि क्षेत्रों में उत्पन्न कुल आर्थिक मूल्य को दर्शाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र ने औद्योगिक उत्पादन, वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण, अवसंरचना और शहरी अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार के चलते शीर्ष स्थान बनाए रखा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में मुंबई और अन्य प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो वित्त, बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और निर्यात गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हैं। दूसरी ओर अरुणाचल प्रदेश का जीएसडीपी तुलनात्मक रूप से कम दर्ज किया गया है, जिसका कारण सीमित औद्योगिक आधार, कम जनसंख्या घनत्व और भौगोलिक चुनौतियां मानी जाती हैं। हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जीएसडीपी रैंकिंग राज्यों की आर्थिक क्षमता और विकास स्तर का संकेत देती है, लेकिन यह प्रति व्यक्ति आय, मानव विकास सूचकांक और क्षेत्रीय असमानताओं जैसे अन्य पहलुओं से अलग एक व्यापक आर्थिक सूचक है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े राज्यों की अर्थव्यवस्था आकार के आधार पर आगे रहती है, जबकि छोटे और भौगोलिक रूप से जटिल राज्यों के सामने संसाधन और संपर्क से जुड़ी चुनौतियां होती हैं। वित्त वर्ष 2025 के आंकड़े राज्यों के बीच आर्थिक विविधता और विकास की असमान गति को भी दर्शाते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें अवसंरचना निवेश, विनिर्माण प्रोत्साहन और सेवा क्षेत्र विस्तार के माध्यम से आर्थिक वृद्धि को संतुलित करने पर जोर दे रही हैं। जीएसडीपी रैंकिंग का उपयोग नीति निर्माण, निवेश आकर्षण और क्षेत्रीय योजना के संदर्भ में किया जाता है, जिससे राज्यों की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं का आकलन संभव होता है।


by Dainikshamtak on | 2026-02-18 23:41:55

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