जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम ने 67 वर्षों के अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम ने बंगाल को छह विकेट से पराजित कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। यह जीत लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में संघर्ष कर रही टीम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुकाबले में जम्मू कश्मीर ने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए संयमित बल्लेबाजी और प्रभावी गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल चरण में पहुंचना ही टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था, लेकिन निर्णायक मैच में जीत दर्ज कर उसने फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया। रणजी ट्रॉफी भारत की प्रमुख प्रथम श्रेणी घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है, जिसमें विभिन्न राज्य और क्षेत्रीय टीमें भाग लेती हैं। जम्मू कश्मीर की टीम ने पिछले कुछ सत्रों में अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार दिखाया है, जिसका परिणाम इस ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया। मैच के दौरान गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को सीमित स्कोर पर रोकने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए संतुलित पारी खेली। छह विकेट की जीत से टीम ने स्पष्ट अंतर से मुकाबला अपने नाम किया। फाइनल में पहुंचने के साथ ही जम्मू कश्मीर की टीम अब खिताब के लिए मुकाबला करेगी, जिससे राज्य के क्रिकेट ढांचे और खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ावा मिलने की संभावना है। घरेलू क्रिकेट संरचना में प्रतिस्पर्धा के बीच इस उपलब्धि को क्षेत्रीय क्रिकेट के विकास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। टीम के प्रदर्शन ने राज्य में क्रिकेट के प्रति रुचि को भी प्रोत्साहित किया है। रणजी ट्रॉफी में फाइनल तक का सफर तय करना किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, और 67 वर्षों बाद इस चरण तक पहुंचना जम्मू कश्मीर क्रिकेट के इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
by Dainikshamtak on | 2026-02-18 23:33:12