मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में मध्यप्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर जोर

मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में मध्यप्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर जोर

मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की जलवायु परिवर्तन रणनीति और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उद्यमियों और निवेशकों को राज्य की आकर्षक निवेश नीति तथा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सेक्वोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य जलवायु अनुकूल परियोजनाओं और स्वच्छ ऊर्जा निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य में 300 मेगावाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा स्टोरेज की दो परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इसके साथ ही नवकरणीय ऊर्जा आधारित बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना भी प्रगति पर है, जिसे देश में अपनी तरह की पहली परियोजना बताया गया है। सरकार के अनुसार ऊर्जा भंडारण क्षमता के विस्तार से ग्रिड स्थिरता और अक्षय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। पिछले 12 वर्षों में राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा उत्पादन में 19 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर विस्तार को दर्शाती है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना बताया गया है, जिसने राज्य को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि मध्यप्रदेश ऊर्जा संक्रमण की दिशा में दीर्घकालिक रणनीति पर कार्य कर रहा है, जिसमें निवेश आकर्षित करना, तकनीकी सहयोग बढ़ाना और हरित अवसंरचना विकसित करना शामिल है। राज्य सरकार का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में भागीदारी के माध्यम से राज्य ने अपने ऊर्जा और जलवायु लक्ष्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।


by Dainikshamtak on | 2026-02-19 13:26:48

Related Post