भारत ने अमेरिका से स्टील, ऑटो पार्ट्स और दवाओं पर 'ज़ीरो-टैरिफ' प्रस्ताव रखा — व्यापार समझौते को गति देने की पहल

भारत ने अमेरिका से स्टील, ऑटो पार्ट्स और दवाओं पर 'ज़ीरो-टैरिफ' प्रस्ताव रखा — व्यापार समझौते को गति देने की पहल

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में तेजी लाने के लिए भारत ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अमेरिका से आयातित स्टील, ऑटो पार्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स पर सीमित मात्रा तक कोई आयात शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह 'ज़ीरो-फॉर-ज़ीरो' टैरिफ व्यवस्था पारस्परिकता के आधार पर लागू होगी, यानी अमेरिका को भी भारतीय उत्पादों पर समान रियायतें देनी होंगी। निर्धारित सीमा से अधिक आयात होने पर सामान्य शुल्क दरें लागू होंगी।

यह प्रस्ताव अप्रैल 2025 के अंत में भारतीय व्यापार अधिकारियों द्वारा वाशिंगटन की यात्रा के दौरान प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य इस वर्ष के पतझड़ तक एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है। यह पहल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 90-दिन की टैरिफ स्थगन अवधि के दौरान की गई है, ताकि दोनों देश इस अवधि में समझौते तक पहुंच सकें।

इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने भारत के गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) पर चिंता व्यक्त की है, जिन्हें वह अपने निर्यात के लिए गैर-टैरिफ बाधा मानता है। भारत ने चिकित्सा उपकरणों और रसायन क्षेत्रों में मौजूदा QCOs की समीक्षा करने और अमेरिका के साथ एक पारस्परिक मान्यता समझौता (Mutual Recognition Agreement) स्थापित करने की इच्छा जताई है, ताकि दोनों देश एक-दूसरे के नियामक मानकों को स्वीकार कर सकें ।

यह प्रस्ताव भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।

by Dainik Shamtak on | 2025-05-06 00:46:43

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