भारत ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 में 127वें स्थान पर, 163 देशों की सूची में पिछड़ा

भारत ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 में 127वें स्थान पर, 163 देशों की सूची में पिछड़ा

इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी नवीनतम ग्लोबल पीस इंडेक्स में भारत को 163 देशों और क्षेत्रों की सूची में 127वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह सूचकांक दुनिया में शांति और सुरक्षा की स्थिति को मापने वाले प्रमुख वैश्विक आकलनों में से एक माना जाता है। ग्लोबल पीस इंडेक्स में देशों का मूल्यांकन 23 विभिन्न गुणात्मक और मात्रात्मक संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिनमें सामाजिक सुरक्षा, आंतरिक और बाहरी संघर्षों की स्थिति तथा सैन्यीकरण का स्तर शामिल होता है। रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर शांति की स्थिति में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और कई क्षेत्रों में संघर्ष तथा भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हैं। भारत की रैंकिंग यह दर्शाती है कि देश को सुरक्षा, सीमा संबंधी चुनौतियों, क्षेत्रीय तनावों और अन्य संबंधित कारकों के संदर्भ में अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है, लेकिन शांति सूचकांक का मूल्यांकन केवल आर्थिक विकास के आधार पर नहीं किया जाता बल्कि सामाजिक स्थिरता, अपराध दर, हिंसक घटनाओं, आतंकवाद के प्रभाव, सैन्य व्यय तथा संघर्षों से जुड़े विभिन्न मानकों को भी ध्यान में रखा जाता है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर संघर्षों की संख्या और उनके प्रभाव में वृद्धि देखी गई है, जिससे कई देशों की रैंकिंग प्रभावित हुई है। इस वर्ष भी आइसलैंड को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश माना गया है, जबकि कई संघर्षग्रस्त देशों को सूची के निचले हिस्से में स्थान मिला है। ग्लोबल पीस इंडेक्स का उद्देश्य देशों की शांति स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करना और नीति निर्माताओं को बेहतर सामाजिक एवं सुरक्षा ढांचा विकसित करने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। यह रिपोर्ट वैश्विक शांति की प्रवृत्तियों को समझने तथा विभिन्न देशों की स्थिति का विश्लेषण करने के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।।

by Dainikshamtak on | 2026-06-13 01:44:38

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