तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को लेकर अपनी महत्वाकांक्षी दृष्टि साझा करते हुए कहा है कि उनकी प्रतिस्पर्धा देश के अन्य राज्यों से नहीं, बल्कि चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन देशों के विकास मॉडल से प्रेरणा लेते हैं और तेलंगाना को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रमुख नारा “चाइना+1” है और इस रणनीति में “+1” के रूप में तेलंगाना को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वैश्विक कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठा रही हैं। इसी प्रवृत्ति को “चाइना+1” रणनीति के रूप में देखा जाता है, जिसके तहत कंपनियां चीन के अलावा अन्य देशों और क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि तेलंगाना इस अवसर का लाभ उठाकर विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित कर सकता है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, निवेशक-अनुकूल नीतियों, कुशल मानव संसाधन और आधुनिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति अपनाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के विभिन्न राज्य विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, लेकिन तेलंगाना का वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ सीधी तुलना का दृष्टिकोण निवेशकों को एक अलग संदेश देता है। विश्लेषकों के अनुसार यदि राज्य अपनी औद्योगिक और अवसंरचनात्मक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करता है तो वह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य के रूप में उभर सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की रणनीति को दर्शाता है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-07 19:42:16