हिमाचल प्रदेश में हुए नगर निगम चुनावों और स्थानीय निकाय परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस शासित राज्य में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मतगणना 14 दिनों बाद पूरी हुई, जिसके बाद जारी नतीजों में बीजेपी ने मंडी, सोलन और धर्मशाला में बढ़त और जीत हासिल की, जबकि पालमपुर में कांग्रेस ने नियंत्रण बरकरार रखा। मंडी में बीजेपी ने 12 सीटें जीतीं और कांग्रेस केवल 1 सीट पर सिमट गई, जबकि धर्मशाला में बीजेपी को 11 सीटें मिलीं और कांग्रेस 5 सीटें जीत सकी। सोलन में भी बीजेपी ने 10 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया, वहीं कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। पालमपुर में कांग्रेस ने 11 सीटें जीतकर नगर निगम पर अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि बीजेपी को 4 सीटें मिलीं। इन नतीजों को राज्य की सुक्खू सरकार के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि नगर निकायों के ये परिणाम आगामी विधानसभा राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं। मंडी में बीजेपी की जीत खास तौर पर चर्चा में रही, क्योंकि यह वही संसदीय क्षेत्र है जहां से कंगना रनौत सांसद हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर जीत के बाद जश्न भी शुरू कर दिया। इसके साथ ही राज्य भर में बीडीसी यानी ब्लॉक विकास समिति के नतीजे भी घोषित किए जा रहे हैं, जिनमें भर्मौर से सामने आए चारों परिणाम बीजेपी के पक्ष में गए हैं। यह रुझान दर्शाता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर बीजेपी को बढ़त मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम केवल स्थानीय निकाय चुनावों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सरकार के प्रति जनता के मूड, संगठनात्मक पकड़ और विपक्ष की रणनीति का भी संकेत देते हैं। हिमाचल में यह मुकाबला आने वाले समय में और तीखा हो सकता है, क्योंकि स्थानीय नतीजों का असर राज्य की राजनीतिक दिशा पर पड़ने की संभावना है।।
by Dainikshamtak on | 2026-05-31 16:55:43