भारत को अपना एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाना होगा: CII समिट में गौतम अडानी का बड़ा बयान

भारत को अपना एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाना होगा: CII समिट में गौतम अडानी का बड़ा बयान

उद्योगपति Gautam Adani ने CII Annual Business Summit को संबोधित करते हुए भारत की तकनीकी और डिजिटल संप्रभुता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने भविष्य की इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा आधारित तकनीकी संरचना के लिए विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अडानी ने कहा कि “भारत को अपने इंटेलिजेंस फ्यूचर का इंफ्रास्ट्रक्चर किराए पर नहीं लेना चाहिए। भारत को इसे खुद बनाना होगा, खुद संचालित करना होगा और अपनी जमीन पर इसका स्वामित्व रखना होगा।” उनके इस बयान को देश में एआई, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल आत्मनिर्भरता पर बढ़ती चर्चा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां डेटा और कंप्यूटिंग क्षमता रणनीतिक संसाधन बनते जा रहे हैं। ऐसे में कई देश अपने घरेलू डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। अडानी ने अपने संबोधन में भारत की बढ़ती डिजिटल क्षमता, युवा प्रतिभा और तकनीकी नवाचार को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यदि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक डिजिटल शक्ति बनना चाहता है तो उसे अपने डेटा, ऊर्जा और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर घरेलू नियंत्रण सुनिश्चित करना होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार देश में डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं और एआई आधारित तकनीकों में बड़े निवेश की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भारत सरकार भी डिजिटल इंडिया, सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा लोकलाइजेशन और तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी नीतियों पर जोर दे रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में डेटा और एआई क्षमता उतनी ही महत्वपूर्ण होगी जितनी पारंपरिक औद्योगिक संसाधन रहे हैं। ऐसे में घरेलू डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भारत की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति को नई मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।

by Dainikshamtak on | 2026-05-12 15:14:05

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