तृणमूल कांग्रेस सांसद Abhishek Banerjee की Z+ श्रेणी की सुरक्षा को सुरक्षा समीक्षा के बाद वापस ले लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के गठन के पहले ही दिन यह निर्णय लिया गया, जिसके बाद अब उन्हें केवल सांसदों के लिए निर्धारित मानक सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय-समय पर विभिन्न नेताओं की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाती है और खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार हालिया समीक्षा में अभिषेक बनर्जी के लिए Z+ सुरक्षा जारी रखने की आवश्यकता नहीं पाई गई, जिसके बाद यह फैसला लागू किया गया। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और पार्टी संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सुरक्षा श्रेणी में बदलाव का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई राजनीतिक परिस्थितियां और सत्ता परिवर्तन चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब उन्हें सांसदों को उपलब्ध कराई जाने वाली नियमित सुरक्षा व्यवस्था दी जाएगी। भारत में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था खतरे के स्तर और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाती है। Z+ श्रेणी देश की सबसे उच्च सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल होती है, जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा कवर में बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, हालांकि राजनीतिक दृष्टि से ऐसे फैसले अक्सर चर्चा और बहस का विषय बन जाते हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लंबे समय से तीखी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती रही है। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की ओर से इसे नियमित समीक्षा प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय बताया गया है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-12 15:13:27