सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट, कमजोर रुपया और महंगे कच्चे तेल से बढ़ी निवेशकों की चिंता

सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट, कमजोर रुपया और महंगे कच्चे तेल से बढ़ी निवेशकों की चिंता

भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े स्तर पर कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से भारत का आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर बना हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली किए जाने से बाजार में दबाव और बढ़ गया है। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि कुछ ऊर्जा और फार्मा कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती भी उभरते बाजारों के लिए चुनौती बन रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संकेतकों में कमजोरी और एशियाई बाजारों में गिरावट ने भी घरेलू निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़े और दीर्घकालिक निवेश प्रवाह बाजार को कुछ समर्थन दे सकते हैं, लेकिन निकट भविष्य में अस्थिरता जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

by Dainikshamtak on | 2026-05-08 13:58:30

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