रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के पुत्तापर्थी में विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण परिसर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम से जुड़ी है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 350 एकड़ भूमि आवंटित की है। इसमें पुत्तापर्थी रनवे के निकट 150 एकड़ मुख्य परिसर और 200 एकड़ उपग्रह कार्यालय तथा आवासीय टाउनशिप शामिल है। राज्य सरकार ने रनवे को 10,000 फुट लंबा करने का वचन दिया है। एटीसी टावर, नेविगेशन सहायता और मौसम सहायता प्रणाली विकसित होगी। परियोजना का अनुमानित निवेश 1 लाख करोड़ रुपये है। यह भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। परिसर विमान संयोजन, प्रणाली एकीकरण, जमीन परीक्षण और उड़ान परीक्षण के लिए होगा। पुत्तापर्थी का चयन बेंगलुरु से निकटता और समर्पित हवाई क्षेत्र के कारण हुआ। AMCA कार्यक्रम का पहला प्रोटोटाइप 2026 अंत या 2027 प्रारंभ तक तैयार होगा। पहली उड़ान 2028 में संभावित। लगभग 140 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट विमान बनेंगे। परिसर में रनवे, हैंगर, वायु यातायात नियंत्रण प्रणाली, नेविगेशन सहायता और मौसम सहायता बुनियादी ढांचा होगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना से समन्वय का वादा किया। स्थानीय उड़ान क्षेत्र का निर्माण होगा। यह सुविधा स्वदेशी लड़ाकू विमान और मानवरहित हवाई प्रणालियों के लिए होगी। पुत्तापर्थी क्षेत्र में एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। आंध्र प्रदेश रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा। DRDO और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी का संयुक्त प्रयास। रक्षा मंत्रालय से सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त। यह परियोजना भारत की रक्षा स्वायत्तता को मजबूत करेगी। क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-05-08 13:48:22