भारत सरकार ने 2026 के अंत तक सभी भौतिक टोल प्लाजा समाप्त करने की योजना बनाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टाइम्स ड्राइव ऑटो समिट 2026 में घोषणा की। बहु-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली से वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गुजर सकेंगे। नंबर प्लेट और फास्टैग विवरण कैप्चर कर बैंक खाते से स्वचालित कटौती होगी। दूरी आधारित टोलिंग। 85 टोल स्थानों पर पहले से लागू। वर्षांत तक राष्ट्रव्यापी विस्तार। टोल खर्च में भारी कमी। पहले 125-150 रुपये अब 15 रुपये प्रति खंड। 3,000 रुपये का पास 200 टोल क्रॉसिंग कवर करेगा। फास्टैग और यूपीआई पर पूर्ण निर्भरता। नकद भुगतान अप्रैल 2026 से समाप्त। एआई, सैटेलाइट आधारित प्रणाली। वार्षिक ईंधन बचत 1,500 करोड़। टोल राजस्व 6,000 करोड़ बढ़ेगा। पारदर्शिता और दक्षता। पारंपरिक प्लाजा जाम, अक्षमता का कारण। बाधारहित प्रणाली मेट्रो गेट या इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग जैसी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर क्रांतिकारी बदलाव। गडकरी ने कहा कि राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर परिवर्तनकारी होगा। एमएलएफएफ प्रौद्योगिकी कैमरा और सेंसर पर आधारित। वाहन रुकते या धीमे नहीं होंगे। लेन थ्रूपुट सुधार, जाम कम। टोल लेनदेन में स्थिरता। एनएचएआई ने फरवरी 2026 में नकद भुगतान समाप्ति प्रस्तावित। डिजिटल चैनल पर जोर। फास्टैग 99 प्रतिशत कवरेज। यूपीआई एकीकरण। यह कदम राजमार्ग यात्रा को तेज, सुगम बनाएगा। पारदर्शिता बढ़ेगी। ईंधन बचत। राजस्व वृद्धि। स्मार्ट हाईवे की ओर कदम। गडकरी का 2026 लक्ष्य महत्वाकांक्षी। तकनीकी नवाचार। ड्राइवरों के लिए अदृश्य टोलिंग। यात्रा अनुभव सुधरेगा। भारत स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रसर।
by Dainikshamtak on | 2026-05-08 13:55:03