लखनऊ के 71 वर्षीय अशोक बहार ने NEET-UG 2026 परीक्षा दी। उन्होंने अपनी दिवंगत मां का सपना पूरा करने के लिए यह कदम उठाया। मां सावित्री बहार चाहती थीं कि उनका बेटा डॉक्टर बने। अशोक के पिता डॉ. राम लाल बहार लखनऊ के प्रसिद्ध चिकित्सक थे। मां ने उन्हें अपने पिता की तरह लोगों की सेवा करते देखना चाहा। परिवार में 20 से अधिक डॉक्टर हैं। पत्नी डॉ. मंजू बहार प्रसूति विशेषज्ञ हैं। वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मुख्य सलाहकार रह चुकीं। पत्नी ने ही उन्हें दोबारा NEET देने की प्रेरणा दी। अशोक ने ग्रेजुएशन के दौरान कई बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। वे हेपेटोलॉजी में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। लिवर संबंधी रोगों पर काम करना उनका लक्ष्य है। फैटी लिवर महामारी की तरह फैल रहा। इस क्षेत्र में योगदान देकर मां का सपना पूरा करना चाहते हैं। अशोक ने इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्केटिंग प्रमुख के रूप में कार्य किया। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद विदेश मंत्रालय में सलाहकार रहे। अब पूर्ण समर्पण से चिकित्सा शिक्षा पर ध्यान। पत्नी से चिकित्सा ज्ञान प्राप्त किया। NEET परीक्षा केंद्र पर युवाओं के बीच उनकी उपस्थिति प्रेरणादायक रही। उम्र केवल आंकड़ा। सपनों की कोई मियाद नहीं। परिवार ने उनका समर्थन किया। पत्नी ने प्रोत्साहित किया। लखनऊ में हजारों युवाओं के बीच 71 वर्षीय अशोक का दृढ़ संकल्प चर्चा का विषय बना। यह घटना दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता। मां के प्रति समर्पण और चिकित्सा सेवा के प्रति उत्साह प्रेरणा स्रोत। अशोक बहार ने साबित किया कि सपने उम्र से परे होते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-05-08 13:47:29