रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 1.5 गीगावाट क्षमता वाले भारत के सबसे बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर के निर्माण के लिए 1.6 लाख करोड़ रुपये (लगभग $17 बिलियन) निवेश करने की योजना बना रही है। यह मेगा प्रोजेक्ट भोगापुरम के निकट प्रस्तावित हवाई अड्डे के पास स्थित होगा और AI-केंद्रित डेटा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। आंध्र प्रदेश निवेश प्रोत्साहन समिति ने 25 अप्रैल को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पहला चरण 500 MW क्षमता वाला होगा जो अक्टूबर 2028 तक चालू हो जाएगा। दूसरा चरण 1 GW जोड़कर कुल 1.5 GW बनाएगा। इसके लिए RIL ने 935 एकड़ भूमि मांगी है जिसमें 300 एकड़ पहला चरण और 635 एकड़ दूसरा चरण के लिए। क्लस्टर के साथ 9,000 MW-peak क्षमता वाला कैप्टिव सोलर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी बनेगा। कुल निवेश में ₹1.08 लाख करोड़ डेटा सेंटर और ₹51,300 करोड़ नवीकरणीय ऊर्जा पर खर्च होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा डेटा सेंटर निवेश होगा जो गुगल के 1 GW प्रोजेक्ट को पीछे छोड़ेगा। विशाखापट्टनम डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। RIL ने पहले डिजिटल कॉनैक्शन JV के माध्यम से 1 GW डेटा सेंटर की योजना बनाई थी। यह नया विस्तार AI वर्कलोड, क्लाउड सर्विसेज और हाइपर-स्केलर जरूरतों को पूरा करेगा। राज्य सरकार ने भूमि आवंटन, नियामक मंजूरी, बिजली आपूर्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। यह निवेश आंध्र प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाएगा। हजारों नौकरियां सृजित होंगी। चंद्रबाबू नायडू सरकार निवेश आकर्षण में सक्रिय है। यह प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक AI और डेटा सेंटर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। हरे डेटा सेंटर के लिए उन्नत कूलिंग और ऊर्जा दक्षता पर जोर। RIL ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की।
by Dainikshamtak on | 2026-04-28 15:52:30