रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'रक्षा बल विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सैन्य का रोडमैप' दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज़ स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष 2047 तक भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत शक्ति में बदलने का व्यापक खाका प्रस्तुत करता है। मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ द्वारा तैयार यह दस्तावेज़ दक्षिण ब्लॉक, नई दिल्ली में एक समारोह में जारी किया गया। यह रणनीति भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के अनुरूप सैन्य आधुनिकीकरण को जोड़ती है। दस्तावेज़ में AI, ड्रोन, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्धक्षमता के माध्यम से बहु-क्षेत्रीय युद्ध के लिए तैयार रहने पर जोर दिया गया है। थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्तता बढ़ाने का लक्ष्य है। आयात निर्भरता कम कर स्वदेशी रक्षा निर्माण को मजबूत किया जाएगा। दस्तावेज़ में त्रि-सेवा एकीकरण, थिएटर कमांड स्थापना और संयुक्त लॉजिस्टिक्स पर विशेष बल दिया गया। चरणबद्ध रणनीति में 2030 तक संक्रमण चरण, 2030-2040 तक समेकन चरण और 2040-2047 तक उत्कृष्टता चरण शामिल हैं। वायु एवं मिसाइल रक्षा प्रणालियों का विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण, अग्निपथ योजना को मजबूत करना और उच्च शैक्षणिक मानक प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बदलते स्वरूप को देखते हुए पूरे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया। सैन्य क्षमता को कूटनीति, प्रौद्योगिकी और आर्थिक क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा। दस्तावेज़ में संक्षिप्त, मध्यम और दीर्घकालिक क्षमता लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। संस्थागत सुधार, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक साझेदारियों पर मार्गदर्शन मिलेगा। यह दस्तावेज़ भारत को वैश्विक स्तर पर सम्मानित सैन्य शक्ति बनाने का ब्लूप्रिंट है। रक्षा मंत्री ने इसे स्वदेशीकरण और आर्थिक विकास से जोड़ने वाली ऐतिहासिक पहल बताया।
by Dainikshamtak on | 2026-04-28 15:49:06