हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने स्वदेशी तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के उत्पादन को तेज करने के लिए ₹10,000 करोड़ के भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की योजना बनाई है। यह निवेश बैंगलोर और नासिक की इकाइयों में नई असेंबली लाइनों, परीक्षण सुविधाओं और सप्लाई चेन मजबूती पर केंद्रित है। वर्तमान में HAL का ऑर्डरबुक ₹2 लाख करोड़ से अधिक का है जिसमें 180+ तेजस विमान और 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य तेजस उत्पादन को प्रति वर्ष 16 से बढ़ाकर 24+ विमान करना है। यह कदम भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन कमी को पूरा करने और आत्मनिर्भर भारत को गति देगा। तेजस Mk1A में AESA रडार, BVR मिसाइलें और उन्नत EW सूट हैं जो इसे 4.5 जेनरेशन फाइटर बनाते हैं। HAL ने नासिक में दूसरी उत्पादन इकाई स्थापित की है। Su-30MKI अपग्रेड, AMCA 5th जेन फाइटर और IMRH हेलीकॉप्टर प्रोजेक्ट भी इससे लाभान्वित होंगे। सरकार ने हाल ही में 97 अतिरिक्त तेजस Mk1A के लिए ₹62,370 करोड़ का सौदा मंजूर किया। 2025-26 में 12 तेजस वितरण का लक्ष्य है। HAL अगले 5 वर्षों में ₹14,000-15,000 करोड़ पूंजीगत व्यय करेगा। स्वदेशी सामग्री 65-75% तक पहुंचेगी। यह निवेश 11,750 नौकरियां सृजित करेगा। कंपनी डिफेंस निर्यात को 2029 तक ₹50,000 करोड़ का लक्ष्य रखेगी। अर्जेंटीना, फिलीपींस जैसे देश तेजस और प्रचंड में रुचि दिखा रहे हैं। HAL का यह मास्टरप्लान भारत को वैश्विक डिफेंस सप्लायर बनाएगा। उत्पादन देरी दूर होगी। वायुसेना 2034 तक 2.22 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट प्राप्त करेगी। रक्षा मंत्रालय ने उत्पादन क्षमता वृद्धि पर जोर दिया। यह निवेश Atmanirbhar Bharat का प्रतीक है। HAL का विस्तार भारत की हवाई शक्ति को अभूतपूर्व मजबूती देगा।
by Dainikshamtak on | 2026-04-28 15:48:09