AI डेटा सेंटरों की बढ़ती जल खपत पर सवाल, अमेज़न के एआई विस्तार को लेकर जेफ बेजोस आलोचनाओं के घेरे में

AI डेटा सेंटरों की बढ़ती जल खपत पर सवाल, अमेज़न के एआई विस्तार को लेकर जेफ बेजोस आलोचनाओं के घेरे में

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के तेजी से विस्तार के बीच इसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एआई मॉडल्स को संचालित करने वाले बड़े डेटा सेंटर भारी मात्रा में पानी और ऊर्जा की खपत कर रहे हैं, जिसके कारण तकनीकी कंपनियों की स्थिरता नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं। इसी संदर्भ में अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस और कंपनी की बढ़ती एआई महत्वाकांक्षाएं भी चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार एआई आधारित सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े भाषा मॉडल्स को संचालित करने के लिए विशाल डेटा सेंटरों की आवश्यकता होती है। इन डेटा सेंटरों में लगे सर्वरों को ठंडा रखने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा प्रोसेसिंग की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे जल और ऊर्जा संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। पर्यावरणविदों का तर्क है कि तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उनका मानना है कि कंपनियों को नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण तकनीकों और अधिक कुशल डेटा सेंटर डिजाइनों में निवेश बढ़ाना चाहिए। दूसरी ओर उद्योग जगत का कहना है कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, उत्पादकता और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान कर सकता है, इसलिए इसके विकास को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। अमेज़न सहित कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि एआई बूम के साथ बढ़ती संसाधन खपत पर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में एआई उद्योग की सफलता केवल तकनीकी प्रगति से नहीं, बल्कि इस बात से भी आंकी जाएगी कि कंपनियां पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान किस प्रकार करती हैं। एआई और स्थिरता के बीच संतुलन का मुद्दा अब वैश्विक तकनीकी नीति और निवेश चर्चाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।

by Dainikshamtak on | 2026-06-21 19:26:20

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