Tata Electronics ने ASML के साथ गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली 300 मिमी सेमीकंडक्टर फैब परियोजना को समर्थन देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस घटनाक्रम को भारत के सेमीकंडक्टर और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित 300 मिमी वेफर फैब सुविधा उन्नत चिप निर्माण क्षमता विकसित करने की दिशा में भारत की महत्वाकांक्षी योजनाओं का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 300 मिमी फैब आधुनिक सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख मानक माना जाता है, जिसका उपयोग उच्च मात्रा और उन्नत चिप उत्पादन के लिए किया जाता है।
ASML दुनिया की प्रमुख सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनियों में शामिल है और उन्नत लिथोग्राफी तकनीक के लिए जानी जाती है। वैश्विक चिप निर्माण उद्योग में इसकी तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी साझेदारी भारत की तकनीकी क्षमता और सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।
Dholera को भारत के उभरते औद्योगिक और प्रौद्योगिकी केंद्रों में शामिल किया जा रहा है। सरकार लंबे समय से वहां औद्योगिक कॉरिडोर, स्मार्ट सिटी और उन्नत विनिर्माण निवेश आकर्षित करने पर जोर देती रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर फैब जैसी परियोजनाएं केवल चिप उत्पादन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे व्यापक आपूर्ति श्रृंखला, इंजीनियरिंग कौशल और उच्च-तकनीकी रोजगार भी पैदा करती हैं।
भारत हाल के वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। कोविड-19 महामारी और वैश्विक चिप संकट के बाद कई देशों ने घरेलू सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत भी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और रणनीतिक तकनीकी आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि सेमीकंडक्टर फैब परियोजनाएं अत्यधिक पूंजी-गहन और तकनीकी रूप से जटिल होती हैं। इनके लिए निरंतर बिजली आपूर्ति, उच्च गुणवत्ता वाला जल, कुशल मानव संसाधन और दीर्घकालिक नीति समर्थन आवश्यक होता है। इसलिए इस क्षेत्र में सफलता के लिए मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
सोशल मीडिया और उद्योग जगत में इस साझेदारी को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई विशेषज्ञ इसे भारत के तकनीकी और विनिर्माण भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं।
फिलहाल Tata Electronics और ASML के बीच यह सहयोग भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े औद्योगिक परिवर्तन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-17 18:11:36