उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath गोरखपुर में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र के खेल बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनने से गोरखपुर केवल धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र ही नहीं बल्कि खेल गतिविधियों का भी प्रमुख हब बन सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित स्टेडियम में आधुनिक सुविधाएं, दर्शक क्षमता, अभ्यास मैदान, खिलाड़ियों के लिए उन्नत ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन योग्य व्यवस्था विकसित की जाएगी। खेल विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश लंबे समय से खेल अवसंरचना विस्तार पर जोर दे रहा है और लखनऊ, वाराणसी तथा अन्य शहरों के बाद अब गोरखपुर को भी बड़े खेल मानचित्र पर लाने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकती हैं और क्षेत्र में क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टेडियम परियोजना के साथ सड़क, होटल, परिवहन और आसपास के व्यावसायिक विकास को भी गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े खेल आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार हाल के वर्षों में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, खेल परिसरों और शहरी विकास परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसे प्रोजेक्ट किसी शहर की राष्ट्रीय पहचान और निवेश आकर्षण दोनों को बढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस परियोजना को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है, खासकर पूर्वांचल क्षेत्र के क्रिकेट प्रेमियों के बीच। रिपोर्ट्स के अनुसार शिलान्यास कार्यक्रम में कई प्रशासनिक अधिकारी, खेल प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। गोरखपुर में प्रस्तावित यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम उत्तर प्रदेश के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-16 18:28:35