पंजाब सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा कवर को अचानक वापस ले लिया। यह निर्णय आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के ठीक बाद आया जब हरभजन ने राघव चड्ढा के साथ AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। जालंधर स्थित उनके निवास के बाहर शनिवार को AAP समर्थकों ने भारी प्रदर्शन किया और दीवारों पर गद्दार लिखा। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने 9-10 सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया। हरभजन के पीए मनदीप सिंह ने पुष्टि की कि राज्य सरकार ने सुरक्षा पूरी तरह समाप्त कर दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक कंपनी प्रदान की। CRPF कमांडो अब जालंधर और दिल्ली दोनों स्थानों पर हरभजन की सुरक्षा कर रहे हैं। यह घटना पंजाब की राजनीति में भूचाल के बाद की स्थिति को दर्शाती है। राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़ी। हरभजन उनमें प्रमुख थे। AAP कार्यकर्ताओं ने इसे विश्वासघात माना। भगवंत मान सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगा। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। हरभजन ने कहा कि वे भाजपा के साथ राष्ट्रहित में कार्य करेंगे। पूर्व क्रिकेटर ने स्पिन गेंदबाजी में 417 टेस्ट विकेट लिए। राजनीति में प्रवेश 2022 में राज्या सभा सदस्य बनकर किया। AAP ने उन्हें पंजाब का चेहरा बनाया था। अब भाजपा के साथ नया अध्याय शुरू। केंद्र का त्वरित कदम राज्य सरकार के निर्णय को राजनीतिक मानने का संकेत देता है। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव सामान्य होता है लेकिन समय संदिग्ध प्रतीत होता है। हरभजन के समर्थकों ने इसे साजिश बताया। भाजपा ने चुप्पी साध रखी है। पंजाब में AAP सरकार पर दबाव बढ़ा। भविष्य में और विधायकों के बगावत की अटकलें हैं। यह घटना दल-बदल कानून पर सवाल उठाती है। केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। हरभजन अब भाजपा के प्रमुख चेहरे बन सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-04-27 14:56:09