बिहार के भारत-नेपाल सीमावर्ती जिलों अररिया, किशनगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल में नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह सख्त कदम ईंधन तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया गया है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भारत और नेपाल के बीच ईंधन मूल्य अंतर के कारण हो रही तस्करी पर चिंता जताई। नेपाल में पेट्रोल 25-26 रुपये सस्ता है जिससे नेपाली वाहन बड़े पैमाने पर भारतीय पंपों पर आते थे। गैलन में ईंधन भरकर तस्करी की जा रही थी। अब आपात स्थिति में केवल 50 से 100 रुपये तक का सीमित ईंधन दिया जा सकता है। व्यावसायिक उपयोग या गैलन में भरना पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने पेट्रोल पंप मालिकों को नेपाली वाहनों को पहचानकर ईंधन देने से रोकने के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबी कतारें कम हो गई हैं। नेपाल ने भी सीमा पर कस्टम जांच सख्त कर दी है। क्रॉस बॉर्डर ट्रेड प्रभावित हो रहा है। यह कदम सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय में लिया गया। पहले भी तस्करी रोकने के प्रयास हुए लेकिन कीमत अंतर के कारण समस्या बनी रही। स्थानीय उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही थी। एसोसिएशन ने कहा कि यह निर्णय सभी पंपों पर लागू है। नेपाली नागरिकों को आवश्यक परिस्थितियों में सीमित सहायता मिलेगी। बिहार सरकार ने तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है। नेपाल में ईंधन संकट के बीच यह कदम महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हैं लेकिन तस्करी पर सख्ती बढ़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने पंप मालिकों की बैठक कर निर्देश दिए। उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई। यह व्यवस्था तब तक रहेगी जब तक तस्करी पूरी तरह रुके। व्यापारियों ने इसका समर्थन किया।
by Dainikshamtak on | 2026-04-27 14:53:48