दिल्ली बनी दुनिया का सबसे सस्ता शहर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए, QS रैंकिंग 2026 में शीर्ष स्थान

दिल्ली बनी दुनिया का सबसे सस्ता शहर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए, QS रैंकिंग 2026 में शीर्ष स्थान

QS बेस्ट स्टूडेंट सिटीज 2026 रैंकिंग में दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए दुनिया का सबसे किफायती शहर घोषित किया गया। नाइट फ्रैंक, डेलॉइट इंडिया और क्वाक्वारेली सिमंड्स (QS) की संयुक्त रिपोर्ट 'इंडिया'स 155 मिलियन स्टूडेंट मंडेट' में दिल्ली ने वैश्विक किफायती सूचकांक में पहला स्थान हासिल किया। मुंबई 11वें और बेंगलुरु 15वें स्थान पर। 150 शहरों का मूल्यांकन 6 समान भार वाले पैमानों पर किया गया: किफायतीपन, नियोक्ता गतिविधि, यूनिवर्सिटी रैंकिंग, शहर आकर्षण, छात्र आवाज और छात्र विविधता।
दिल्ली का किफायती स्कोर 96.5/100। औसत ट्यूशन फीस, रहन-सहन खर्च और क्रय शक्ति यूके, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक शिक्षा केंद्रों से कहीं बेहतर। कमला नगर, नॉर्थ कैंपस, मुखर्जी नगर जैसे छात्र क्षेत्रों में साझा आवास, मेट्रो कनेक्टिविटी और सस्ता खाना दैनिक खर्च नियंत्रित रखता। दिल्ली यूनिवर्सिटी, JNU, DU कॉलेजेस उच्च रैंकिंग वाली। नियोक्ता गतिविधि में सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में कुशल स्नातकों की मांग बढ़ी।
भारतीय शहरों की स्थिति:

  • मुंबई (11वां): सर्वोच्च भारतीय शहर, 15 पायदानों का उछाल।

  • दिल्ली (104वां कुल): किफायतीपन में नंबर 1 (96.5 स्कोर)।

  • बेंगलुरु (15वां किफायती): टेक हब, 84.3 स्कोर।

  • चेन्नई: उन्नति दर्ज।

रिपोर्ट के अनुसार भारत की किफायतीपन प्रतिस्पर्धी लाभ है। लंबी अवधि के छात्र ऋण पर निर्भरता कम। बेहतर रोजगार परिणाम। वैश्विक शिक्षा हबों से बेहतर मूल्य। भारतीय शहरों ने समग्र रैंकिंग में उन्नति दर्ज की। दिल्ली का उदय वैश्विक शिक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता। कम लागत, जीवंत संस्कृति और करियर संभावनाओं का अनोखा मिश्रण। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आकर्षक गंतव्य। भारत शिक्षा पर्यटन में अग्रणी बनेगा।

by Dainikshamtak on | 2026-02-08 18:17:13

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